
किसी ने सच ही कहा है की जब किसी के प्रति अति होती है तो उसका अंत करने के लिए कोई न कोई जरूर आता है । आज दुनिया में जो कुछ भी हो रहा है उसके हम उतने ही जिम्मेदार है जितने और सभी मानव जाती। इस २० बी सदी में हम मानव जाती चाहे कितनी भी विकास की बाते क्यों न कर ले पर कही न कही हम अपने अहंकार का प्रदर्शन कर रहे होते है ये आज भली भाती सिद्ध हो गया जब एक सूछ्म विषाणु हमे ये सोचने पर मजबूर कर दिया है की हम सही में अभी तक अपने आप को सुरक्षित नहीं कर पाए है ।
आज के इस सुपर पावर देश बनने के दौर में अमेरिका ,चीन ऐसे भाग रहे है की जैसे ये एक दूसरे को एटम बम से बर्बाद कर दे पर ये कहा तक उचित है ?
कवीड़१९ (कोरोना वायरस ) जिसे जनम लिए ४ महीने होंगे किन्तु इसका वैक्सीन अभी तक किसी भी देश के पास नहीं है और न जाने ये वायरस कब तक दुनिया में लोगो को अपना शिकार बनाता रहेगा।
आज अमेरिका चीन से आये वायरस को चीन वायरस कह के बुला रहा है क्यों की चीन और बाकि दुनिया अब यही समझ रही है की ये चीन के लैब में तैयार हुआ है जबकि चीन ने साफ़ बोल दिया है की ये वूहान के फिश मार्किट से निकला है । अब ये दोनों स्टेटमेंट कितना सही और गलत है ये तो आने वाला वक़्त ही बताएगा किन्तु अभी इस बीमारी से कैसे निजात पानी है ये आज इस दुनिया को जल्दी सोचना होगा क्यों की हमारे पास ज्यादा समय नहीं है इससे निपटने के लिए जैसा की रफ़्तार से ये फैल रहा है । आपको बता दे की ये अभी तक लगभग ८० हजार लोगो को मौत के गाल में समां दिया है और लाखो इससे प्रभावित है ।
मै तब ज्यादा हैरान हो गया जब मैंने अपने शरीर को झटकाया और उठ कर तुरंत अपने बिस्तर पर बैठ गया और सोचने लगा की क्या मैंने अजीब सा सपना देख लिया पर हे प्रभु ये मैंने कभी भी नहीं सोचा था की जो सपना मैंने २०१२ में देखा था वो आज के तारीख में हकीकत बन कर सामने आ जाएगी और हमे ये सोचने पर मजबूर कर देगी की काश मै उस दिन संभल जाता और अपने धरती को इस भयंकर आपदा से बचा लेता जो मानव जाती को बर्बाद करने के लिए आयी है ।
मै आज वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाईजेशन का हेड Tedros Adhanom ये शपथ लेता हूँ की ऐसी आपदा को अब ऐसे आने नहीं दूंगा और उसको महामारी बनने से पहले ही रोक दूंगा ।